Sunday, October 16, 2011

Baatein ...........

हर बात कहनी जरूरी क्यों होते है !
बिना कहे कोई बात पूरी क्यों नहीं होते है !



अनकही बातो को क्यों नहीं समझ पाते है हम !
क्यों खामोशियो से मुह मोड़ कर गुजर जाते है हम !



कई बार कह कर भी बात ,आधूरी सी रह जाती है !
कई बार बिना कहे ही, बात पूरी हो जाते है !



बातें कहनी जरूरी नहीं होती है !
बातें समझनी जरूरी होती है !



समझ जाओ तो कुछ कहने की जरूरत नहीं !
ना समझो तो कहने का कोई मतलब नहीं !



कहते कहते बातो के सहारे चलती है जिंदगी !
लेकिन किसे की कही एक बात ,के सहारे गुजर जाते है ज़िन्दगी !




(Wrote this on my birthday in 2004, so its a special one )

5 comments:

  1. simply superb as always!!! comment on your b'de eve 2011 ;)

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  2. Sidh,Mahi : Thanks

    Sweta: Thanks , but i thought you wld comment on my poem where i have mention ur name :P

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  3. लेकिन किसे की कही एक बात ,के सहारे गुजर जाते है ज़िन्दगी !

    thts super duper likessssss monu.

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