Saturday, August 3, 2013

Khayal #2




तू कहे या ना कहे , लेकिन तेरा हर ख्याल मुझसे जुड़ा है !!
तेरी ख़ामोशी  की परतो में , उल्जहे लव्जो में …… मेरा ही ज़िक्र है !!


तेरी  रूह को सुकून देते हर पल में , मेरी ही मुसकुराहटे शामिल है !!

तेरी बातो में , शिकायतों में.…मुझ तक पौह्च्ने की इक जुस्तजू है !!


खवाबो की  लम्बी कतारों में , तेरा हाथ थामे वोह मेरे ही साये है !!

रात के  हर  पहर में , सिलवटो सी सिमटी वोह मेरी ही खुशबू है !!


यह मुजह से अजनबी , अनजान बन कर रहना काम  नहीं आएगा !!
तेरे रूह  पर लिखा मेरा हर लव्ज ,तुझ से मिटाया नहीं जाएगा !!


न कर इतने फासले की , लौटना मुश्किल हो जए !!

तेरा मुझ तक , मेरा तुझ तक पौहचने का हर रास्ता मिट जाये !!


........


If you know , your life is filled with memories of someone. Bring them in you life.

 Life is not about living with memories, its about holding someone hands and building memories 




Monday, July 8, 2013

Khayal



लिखने  के लिए ख्याल तो है , बस अलफ़ाज़ नहीं है  !! 

खयालो की सिहाई के अच्छे हालत नहीं है  !!


क्या समझे , क्या सोचे ,  कैसे जगाये उन सॊये  सवालो को  !!

बैठे है आँखे मूंदे , टटोलते  अपनी सोच के हर दायरे को  !!


अपने  मन को किस डोर से बांधे  , किस उम्मीद  के पंखो से सजाये  !!

क्या करे की वोह हर उभरता अक्स , हमेशा के लिए मेरे खवाबो में रह जाये   !!


सवालों के साए गहराते जा रहे है  !!

जवाबो की सेहर में अभी कुछ देर है  !!


अब उस सेहर का इंतज़ार रहेगा  !!

मौसम के बदलने का ऐतबार रहेगा  !!







............Monika


Wednesday, June 19, 2013

Khamoshiya ........

तेरी यह ख़ामोशीया  मुझे  उलझाने लगी है.
दूर रह कर भी तुझे  मुझ  तक लाने लगी  है.

मुझ  से कुछ अल्फाज़ उधार लेले .
आपनी  खामोशियों को , मेरी जुबान देदे .

शायद तू भी सुन  पाए, वोह जो मैंने सुना  है .
तेरे मन का इक तार जो आज भी गुनगुना है .

उसका हाथ थामे कभी दो कदम चल के तो देख .
अपनी  खामोशियों के खली पन्हों  को ,पलट के तो देख .

इक  मुस्कराहट आज भी तेरे इंतज़ार में खामोश खडी  है .
अपने  खयालो में तेरे साए साथ ले कर चली है .


आगे अब  साथ ....तुज्हे ही निभाना होगा .
अपने  लवजो से ..... इस ख़ामोशी के खालीपन को .....तुझे ही मिटाना होगा . 
 


....... Monika :)











 

Monday, June 10, 2013

Tuzh se hi

 
 
जो  देखा , सीखा ,समझा ...वोह सब भूला  दू  
इस पल में जी लू , समेट लू ...तेरे हर ख्वाइश ...तेरी हर मुस्कुराहट
 तुज्ह से जुड़ जाऊ ... इस तरह की बस तू बन जाऊ 
 
मेरा हर सवाल और हर जवाब अब तुज्ह् से  ही है 
हर ख्वाब और हर ख्याल अब तुज्ह से ही है !

 
मेरी चाहत के दायरे अब तुज्ह से ही है
मेरी दुआओ के सिलसिले अब तुज्ह से ही है !

 
तू संभाल ले या बिखेर दे मर्ज़ी अब तेरी है 
संभल गये  तो जिंदा रहेगे बिखर गये  तो बस जी लेंगे 


........Monika
 
 

Monday, May 6, 2013

Ab Kuch jyaada muskurate hai

अब  कुछ  ज्याद  मुस्कुराते  है , हम भी और हमारे ख्वाब भी
ख्वाबो को एक नया  हमसफ़र मिल गया  है !
साथ चलते चलते वोह भी आपना बन गया है !


अनजान रहो पर आँखे मूंदे बस चले जा रहे है !
डगमगाते  कदमो  से  घबराते  नहीं  है !
एक दुसरे का हाथ  थामे,  बस अब कुछ ज्यादा  मुस्कुराते है !


बातें अलग सी है , मुलाकाते  नई  सी  है
लेकिन आगे बड़ने   से कतराते नहीं है
अपनी  ख्वाईशो के सपने लिए ,बस अब कुछ ज्यादा मुस्कुराते है  !



लड़कर नाराजगी के किस्से बुनते है 
समझते है कभी, तो कभी समझाते है !
नाराजगी  के आलम  में भी बीती  बातें सोच कर ,अब कुछ ज्यादा मुस्कुराते है  !


अपनी चाहते , आपने सपनो  को समेट कर  बस एक दुसरे के लिए जीना चाहते है !
ज़िन्दगी भर एक दुसरे के साथ बस ,अब कुछ ज्यादा मुस्कुराना चाहते है   !


----------Monika ;)









 

Friday, May 3, 2013

Barsaat

यह बरसात  ना जाने कैसा जादू कर जाती  है  !
ना चाहते हुई भी तेरे यादो को ताज़ा कर जाती है ! 
 

भीगता हुआ हर आक्स  तुझ  जैसा लगने  लगता है  !
मिलो के फासले को पीछे छोड़ तुझे   मेरे करीब ले आता है ! 
 

मुस्कुराहटो  के साये  कुछ और गहरे हो जाते है  !
खयालो के सिलसिले कुछ और लम्बे हो जाते है  !


ख्याल यादो का हाथ पकड़ कर बरसात में भीगने लगते है !
तेरे कही अनकही बातो के समुंदर में डूबने लगते है !
 

वोह हर रोज़ तेरा  बरसात में भीगने का बस मौका तलाश करना,
बूंदों से भीगे चेहरे पर  आपने मुस्कुराहट के मोती  बीखेरना !


कांपते हातो से चाय का ग्लास पकड कर कहना ,
"यह बारिश भी कमाल है यार ,बस प्यार हो जात है........ "

..........Monika