Monday, June 10, 2013

Tuzh se hi

 
 
जो  देखा , सीखा ,समझा ...वोह सब भूला  दू  
इस पल में जी लू , समेट लू ...तेरे हर ख्वाइश ...तेरी हर मुस्कुराहट
 तुज्ह से जुड़ जाऊ ... इस तरह की बस तू बन जाऊ 
 
मेरा हर सवाल और हर जवाब अब तुज्ह् से  ही है 
हर ख्वाब और हर ख्याल अब तुज्ह से ही है !

 
मेरी चाहत के दायरे अब तुज्ह से ही है
मेरी दुआओ के सिलसिले अब तुज्ह से ही है !

 
तू संभाल ले या बिखेर दे मर्ज़ी अब तेरी है 
संभल गये  तो जिंदा रहेगे बिखर गये  तो बस जी लेंगे 


........Monika
 
 

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