Saturday, December 24, 2011

Fasley .....

फासले जो नज़रो के होते तो समझते हम !!
तेरे उम्मीद में ज़िन्दगी गुजार देते हम  !!


यह फासले तो दिलो के है ,
रहते तो साथ है , पर  दायरे  कई  मिलो के है !!


तेरा साथ कुछ पल की ख़ुशी दे कर लौट तो जाता है !!
तुज्हे खो देने का गम  आकर लौटता  नही , बस बढता ही  चला जाता  है  !! 


तू  सोचता होगा मेरे  बारे  में , यह सोचकर  मुस्कुराते  है  हम ,
बस  मन  को  खुश  रखने  के  बहाने  दुंड लाते  है  हम !! 


यह  मन तो बस सब कुछ सच ही  मान  लेता  है  !!
हकीक़त से परे ,आपने ही दुनिया में जीना चाहता है !!


वोह दुनिया  जहा  ना  फासले है ना दायरे है  !!
जो इस  दुनिया  से बहुत ही परे है  !!


जहा  ना सोच का  डर ,ना  किसी सीमा की  फ़िक्र  है  !!
जहा  मेरे नाम के साथ  सिर्फ तेरा ही ज़िक्र है  !!

........... Monika !













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