चलो यूँ चले की कोई रास्ता ना हो , कोई मंजिल ना हो
हमसफ़र तो हो , बस हमराही ना हो !!
हाथ थामे चलते चले कुछ इस तरह की ,
ना फसलो का दायेरा हो , ना दूरियों का ज़िक्र हो !!
उम्मीदों के हर मोड़ पर बस तेरी बातें हो !!
खयालो की सिलवटो में बस तेरी ही सरसराहट हो !!
करवटे बदलता जब दिन आये तो , उसके हर अक्स में तेरा ही चेहरा हो !!
रात के होटों पर तेरे ही मुस्कुराहटें हो !!
यूँ चले यह ज़िन्दगी की वक़्त का ख्याल भी ना हो !!
तेरे साथ चलते चलते ,यह करवा कभी ख़तम ना हो !!
........Monika
:-) the title should be "Chal"
ReplyDeleteThanks for the title shweta :)
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