यह बरसात ना जाने कैसा जादू कर जाती है !
ना चाहते हुई भी तेरे यादो को ताज़ा कर जाती है !
भीगता हुआ हर आक्स तुझ जैसा लगने लगता है !
मिलो के फासले को पीछे छोड़ तुझे मेरे करीब ले आता है !
मुस्कुराहटो के साये कुछ और गहरे हो जाते है !
खयालो के सिलसिले कुछ और लम्बे हो जाते है !
ख्याल यादो का हाथ पकड़ कर बरसात में भीगने लगते है !
तेरे कही अनकही बातो के समुंदर में डूबने लगते है !
ख्याल यादो का हाथ पकड़ कर बरसात में भीगने लगते है !
तेरे कही अनकही बातो के समुंदर में डूबने लगते है !
वोह हर रोज़ तेरा बरसात में भीगने का बस मौका तलाश करना,
बूंदों से भीगे चेहरे पर आपने मुस्कुराहट के मोती बीखेरना !
कांपते हातो से चाय का ग्लास पकड कर कहना ,
कांपते हातो से चाय का ग्लास पकड कर कहना ,
"यह बारिश भी कमाल है यार ,बस प्यार हो जात है........ "
..........Monika